मैं कोई फाइनेंशियल गुरु नहीं हूँ। मैं एक लेखक हूँ जो जटिल बातों को सीधी भाषा में समझाता है — ताकि पैसे के फ़ैसले डर से नहीं, समझ से लिए जाएँ।
पिछले 17 साल से मैं डिजिटल मार्केटिंग की दुनिया में हूँ — एक मीडिया बायर और राइटर के तौर पर। मेरा काम रोज़ यही रहा है कि जटिल चीज़ों को इतना सरल बना दूँ कि आम आदमी उन्हें पहली बार में समझ जाए।
मैंने BBA और MBA किया है, पर पैसे के बारे में मैंने जो सबसे ज़रूरी बातें सीखीं, वे किसी क्लासरूम में नहीं सीखीं। वे अपने आसपास देखकर सीखीं।
स्कूल में गणित पढ़ाया जाता है, पर पैसे को संभालना कोई नहीं सिखाता। घर में पैसे की बात या तो होती नहीं, या तब होती है जब कोई समस्या आ जाए। नतीजा यह कि लोग सबसे बड़े आर्थिक फ़ैसले — बीमा, कर्ज़, घर, निवेश — अंदाज़े से लेते हैं।
और जो थोड़ी-बहुत अच्छी जानकारी उपलब्ध है, वो ज़्यादातर अंग्रेज़ी में है, या इतनी भारी-भरकम भाषा में कि पढ़ने वाला दूसरे पन्ने पर ही हार मान लेता है।
इसीलिए मैंने लिखना शुरू किया। सीधी हिंदी में। भारतीय उदाहरणों के साथ। बिना किसी शॉर्टकट के वादे के।
मैं काम के सिलसिले में मुंबई, गोवा, लखनऊ और भोपाल के बीच आता-जाता रहता हूँ — और हर जगह वही एक बात दिखती है: लोगों को पैसे की समझ चाहिए, सलाह नहीं।
मैं आपसे यह नहीं कहूँगा कि मैं विशेषज्ञ हूँ। मैं यह बताऊँगा कि मैं क्या करता हूँ, और आप ख़ुद तय कीजिए।
मेरा पूरा करियर इसी एक हुनर पर टिका है — मुश्किल बात को आसान बनाना। किताबें भी उसी तरह लिखी गई हैं।
मैं किसी फंड, कंपनी या पॉलिसी का नाम नहीं लेता। मैं सिर्फ़ यह समझाता हूँ कि फ़ैसला कैसे लेना है — फ़ैसला आपका रहता है।
EMI, FD, सोना, बीमा एजेंट, घर का सपना, बच्चों की फ़ीस — ये किसी विदेशी किताब के अनुवाद नहीं, हमारी अपनी उलझनें हैं।
अगर कोई ऐसा वादा करे, तो समझ जाइए कि वो कुछ बेच रहा है। मेरी किताबें आदतों की बात करती हैं, चमत्कार की नहीं।
हर अध्याय के आख़िर में “आज से करें” की एक छोटी सूची है — 4-5 काम जो आप इसी हफ़्ते कर सकते हैं।
हर शब्द, हर उदाहरण, हर चार्ट नया लिखा गया है। किसी किताब की नकल या अनुवाद नहीं।
आसान हिंदी · भारतीय उदाहरण · हर अध्याय में एक कहानी और एक एक्शन स्टेप
पैसे से जुड़ी छोटी-छोटी बातें, नई किताबों की जानकारी और वो सब जो किताब में नहीं आ पाया — सबसे पहले यहाँ मिलेगा।